GST Invoice Format in India: Mandatory Fields, Rules and a Billing Software Checklist (2026)

GST Invoice Format in India: Quick Overview

मान लीजिए आपके एक customer का accountant आपको call करता है। और यह कहता है कि “आपके invoice में HSN code नहीं है, और invoice number भी अजीब लग रहा है। क्या आप इसे ठीक करके दोबारा भेज सकते हैं?” ऐसा call किसी भी छोटे बिज़नेस को discomfort में डाल देता है, और अक्सर इसकी वजह कोई बड़ी ग़लती नहीं होती, बल्कि invoice के नियमों की अधूरी जानकारी होती है।

CBIC की official जानकारी के अनुसार GST में invoice सिर्फ़ एक बिल नहीं है। यह वह document है जिसके आधार पर खरीदने वाला Input Tax Credit (ITC) ले पाता है। इसलिए GST invoice format in India को समझना हर उस व्यक्ति के लिए ज़रूरी है जो GST में registered है, चाहे वह दुकानदार हो, सेवा देने वाला या कोई online seller हो।

इस guide में हम देखेंगे कि Rule 46 के अनुसार invoice में क्या-क्या होना चाहिए, invoice number कैसे लिखें, HSN के कितने digits चाहिए, e-invoice किस पर लागू होता है, और आपका billing software इन नियमों का पालन करता है या नहीं, यह कैसे verify करें। यह पूरी जानकारी CBIC, GST Council और GSTN के official documents पर आधारित है। (यह tax की सलाह नहीं है। इसलिए आपके बिज़नेस पर नियम कैसे लागू होते हैं, यह अपने CA से पक्का कर लें।)

Tax Invoice or Bill of Supply: Which One Do You Issue

पहले यह तय करें कि आपको कौन सा document बनाना है। क्योंकि GSTN की advisory के अनुसार जो व्यापारी composition scheme में हैं, वे Bill of Supply देते हैं। जो सिर्फ़ exempt माल या सेवाएँ बेचते हैं, वे भी Bill of Supply देते हैं। यह Rule 49 में है। बाकी सभी regular taxable supplies पर Tax Invoice बनता है। यह Rule 46 में है। इस post में आगे हम Tax Invoice की बात कर रहे हैं।

Mandatory Fields on a GST Tax Invoice

CBIC के official Rule 46 में उन बातों की list बताई गई है जो invoice में होनी चाहिए। नीचे यह list आसान भाषा में बताई है। (Rule 46 सिर्फ़ यह बताता है कि क्या जानकारी होनी चाहिए, कोई fixed layout नहीं देता।)

  • CBIC के Rule 46 में लिखा है कि invoice में कौन सी जानकारी होनी चाहिए। ध्यान रखिए कि Rule 46 सिर्फ़ जानकारी बताता है। कोई तय layout नहीं देता। इसमें आप अपनी पसंद का design रख सकते हैं।
  • सबसे पहले आपकी अपनी details चाहिए। यानी आपके बिज़नेस का नाम, पता और GSTIN। इसके बाद invoice number और तारीख़ आती है।
  • फिर customer की details आती हैं। अगर customer registered है, तो उसका नाम, पता और GSTIN लिखें। अगर वह unregistered है, तो नियम थोड़ा अलग है। इसके बारे में हम आगे अलग से बात करेंगे।
  • माल या सेवा के बारे में HSN code, विवरण, और माल हो तो मात्रा और unit जैसी बातें लिखनी होती हैं।
  • उसके बाद पैसे की बात आती है। इसमें total value लिखें। Discount घटाने के बाद का taxable value लिखें। फिर tax की दर और tax की रकम लिखें। यह CGST, SGST, IGST या cess भी हो सकता है।
  • फिर इसमें place of supply, और अगर माल कहीं और भेजा जा रहा है तो delivery address ये सारी बातें जोड़ें। इसमें एक और बात ज़रूरी है। invoice में यह भी बताना है कि tax reverse charge पर देना है या नहीं।
  • अंत में signature या digital signature आता है। और जिन पर e-invoice लागू होता है, उनके invoice पर IRN वाला QR code भी चाहिए।

How to Write the Invoice Number Correctly

  • Rule 46(b) के अनुसार invoice number के चार नियम हैं। Number क्रम से चलना चाहिए। उसमें 16 से ज़्यादा characters नहीं होने चाहिए। उसमें सिर्फ़ character, number, hyphen (-) और slash (/) चल सकते हैं। और एक वित्त वर्ष में कोई number दोहराया नहीं जा सकता।
  • GSTN की advisory में एक और बात है। हर नए वित्त वर्ष में, यानी 1 अप्रैल से, नई series शुरू करनी होती है। अगर आप Rule 46 या Rule 49 का पालन नहीं करते, तो बाद में e-way bill बनाने, GSTR-1 भरने या refund लेने में परेशानी आ सकती है।
  • कुछ उदाहरण देखिए। INV/26-27/00001 में 15 characters हैं। यह सही है। TM/26-27/0001 में 13 characters हैं। यह भी सही है। INV/26-27/0000001 में 17 characters हैं, इसलिए यह ग़लत है। TECHMARVAL/2026-27/00001 में 24 characters हैं। यह बहुत लंबा है। INV#0001 में # है, यह नहीं चलेगा। INV 26-27 0001 में space है, तो यह भी नहीं चलेगा।

Practical suggestion: मेरा सुझाव यह है कि series छोटी रखें, जैसे TM/26-27/0001। इससे गिनती बढ़ने पर भी 16 अक्षरों की सीमा नहीं टूटेगी।

HSN or SAC Code: How Many Digits

  • कितने digits लिखने हैं, यह आपके पिछले वित्त वर्ष के turnover पर निर्भर है। CBIC की Notification 78/2020 में यह सब लिखा है, और यह 1 अप्रैल 2021 से लागू है। अगर turnover ₹5 करोड़ तक है, तो 4 digits लिखें। अगर ₹5 करोड़ से ज़्यादा है, तो 6 digits लिखें।
  • इसमें एक छूट भी है। ₹5 करोड़ तक turnover वाला व्यापारी unregistered customer के invoice में HSN के digits चाहे तो नहीं लिख सकता।

Unregistered Customers and the ₹50,000 Rule

अगर customer GST में registered नहीं है और,

  • supply की value ₹50,000 या अधिक है, तो invoice में customer का नाम, पता, delivery address, state का नाम और state code लिखना होगा।
  • value ₹50,000 से कम है, तो ये details तभी लिखनी हैं जब customer खुद इसकी माँग करे।

Consolidated Daily Invoice for Retail Sales

Rule 46 में एक सुविधा दी भी गई है। अगर customer registered नहीं है और उसे invoice नहीं चाहिए, तो आप हर bill के लिए अलग tax invoice न बनाकर दिन के अंत में उन सभी supplies का एक consolidated tax invoice बना सकते हैं। (कुछ अपवादों के साथ, पूरी शर्तें Rule 46 में देखें।)

Export Invoices

Export की स्थिति में invoice पर एक विशेष endorsement लिखना होता है, जैसे “SUPPLY MEANT FOR EXPORT ON PAYMENT OF INTEGRATED TAX” या bond/LUT के तहत बिना payment of tax के “SUPPLY MEANT FOR EXPORT UNDER BOND OR LETTER OF UNDERTAKING WITHOUT PAYMENT OF INTEGRATED TAX”। और इसके साथ में recipient का नाम, पता, delivery address और destination देश का नाम भी देना होता है। (Rule 46 में exact शब्द SEZ वाली supplies के लिए भी दिए गए हैं।)

When Must You Issue the Invoice

माल बेचने पर invoice कब बनाना है, यह Section 31 में लिखा है। माल भेजने से पहले या भेजते समय invoice बनाना चाहिए। अगर माल कहीं भेजा नहीं जा रहा, तो delivery से पहले या delivery के समय invoice बनाना चाहिए। और सेवाओं के लिए Rule 47 में समय-सीमा दी गई है। Service देने की तारीख़ से 30 दिन के अंदर invoice बनाना होता है। बैंक, बीमा कंपनी और NBFC के लिए यह सीमा 45 दिन की है।

एक और नियम है, Rule 47A। यह 1 नवंबर 2024 से लागू है। जहाँ reverse charge पर customer खुद invoice बनाता है, वहाँ supply मिलने से 30 दिन के अंदर वह invoice बनना चाहिए।

E-Invoicing: Does It Apply to Your Business

E-invoice का मतलब है कि आप अपने software में बनाए invoice की जानकारी सरकार के Invoice Registration Portal (IRP) पर भेजते हैं। वहाँ से आपको IRN (Invoice Reference Number) और QR code मिलता है। Rule 46(r) के अनुसार यही QR code आपके invoice पर छपना चाहिए।

यह किस पर लागू होता है?

CBIC की Notification 10/2023 के अनुसार 1 अगस्त 2023 से, जिनका aggregate turnover 2017-18 के बाद किसी भी पिछले वित्त वर्ष में ₹5 करोड़ से ज़्यादा रहा है उन पर यह लागू होता है। यह नियम B2B invoice (registered customer को) और exports पर भी लागू होता है। ध्यान दीजिए कि “किसी भी पिछले वित्त वर्ष में” लिखा है। यानी एक बार सीमा पार होने पर बाद में turnover घटे, तब भी नियम लागू रह सकता है। जिनका turnover ₹5 करोड़ या उससे कम रहा है, उन पर यह notification लागू नहीं होती।

एक और नियम सिर्फ़ बड़े turnover वालों पर लागू होता है। GSTN की 5 नवंबर 2024 की advisory के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से ₹10 करोड़ या उससे ज़्यादा turnover वाले 30 दिन से पुराना invoice, credit note या debit note IRP पर report नहीं कर सकते। उदाहरण के लिए, 1 अप्रैल 2025 की तारीख़ वाला invoice 30 अप्रैल के बाद report नहीं हो सकता। ₹10 करोड़ से कम turnover वालों पर यह रोक “अभी के लिए” लागू नहीं है।

ये सीमाएँ पहले भी बदली हैं। इसलिए अपनी स्थिति पक्की करने के लिए official e-invoice portal देखें और अपने CA से पूछें।

Billing Software Compliance Checklist

आप कोई भी billing software को use करें, नीचे की बातों से उसे verify कर सकते हैं। (हमारी पिछली post में हमने best invoicing software for small business in India की तुलना की थी। यह checklist उस तुलना को पूरा करती है।)

  • पहले अपनी details देखें। आपका नाम, पता और GSTIN सही छपता है या नहीं। फिर invoice number देखें। उसमें 16 से ज़्यादा characters नहीं होने चाहिए, और सिर्फ़ character, number, (-) और (/) होने चाहिए। यह Number क्रम से बढ़ना चाहिए और कभी दोहराना नहीं चाहिए। यह भी देखें कि 1 अप्रैल से नई series शुरू करने का विकल्प है या नहीं। इसमें तारीख़ भी छपनी चाहिए।
  • अब customer की details देखें। Registered customer का GSTIN छपना चाहिए। ₹50,000 से ऊपर के unregistered customer के लिए state और state code छपने चाहिए। HSN या SAC की जगह होनी चाहिए, ताकि आप अपने turnover के हिसाब से 4 या 6 digits भर पाएँ। Description, मात्रा और unit भी छपने चाहिए।
  • फिर पैसे वाला हिस्सा देखें। Discount के बाद का taxable value अलग दिखना चाहिए। राज्य के अंदर की sales में CGST और SGST अलग-अलग दिखने चाहिए। राज्य के बाहर की sales में IGST दिखना चाहिए। हर tax की दर और रकम भी दिखनी चाहिए। Inter-State supply पर place of supply और state का नाम छपना चाहिए। Reverse charge का विकल्प (हाँ या नहीं) भी होना चाहिए।
  • अंत में, Signature या digital signature की जगह होनी चाहिए। अगर आप पर e-invoice लागू है, तो IRN वाला QR code छपना चाहिए। Export invoice पर सही वाक्य आना चाहिए। और अगर आप composition scheme में हैं या exempt माल बेचते हैं, तो Bill of Supply बनाने का विकल्प होना चाहिए, ये सारी बातें भी देखें।

A 10-Minute Test You Can Run on Any Billing Software

किसी भी software को अपनाने से पहले तीन test invoice बनाकर उन्हें ऊपर की list से match किजिए,

  • राज्य के अंदर B2B invoice: registered customer, एक सामान और एक सेवा। Verify करें कि CGST और SGST अलग दिखते हैं या नहीं।
  • दूसरे राज्य का B2B invoice: Verify करें कि IGST लगता है और place of supply दिखता है या नहीं।
  • छोटा B2C invoice: unregistered customer, ₹50,000 से कम।

फिर तीनों invoice की तुलना checklist से करें और जो entry छूट रही हो, उसे से लिख लें।

Free Template: GST Tax Invoice Layout

यह layout Rule 46 की list पर आधारित है और यह कोई official format नहीं है (यह Rule 46 की जानकारी तय करता है, layout नहीं)। इसे अपने software या Word/Excel में उपयोग करें,

TAX INVOICE

 

Supplier : [Business name]

Address : [Address]

GSTIN : [Supplier GSTIN]

 

Invoice No. : [e.g. TM/26-27/0001]     Date : [DD/MM/YYYY]

 

Bill To : [Customer name, address]

Recipient GSTIN/UIN : [if registered]

Place of Supply : [State name]

Delivery Address : [if different]

Reverse Charge : Yes / No

 

Sr. No. | Description | HSN/SAC | Qty | Unit | Rate | Discount | Taxable Value | CGST % | CGST Amt | SGST % | SGST Amt | IGST % | IGST Amt

 

Total Taxable Value : [ ]

Total Tax : [ ]

Invoice Total : [ ]

 

[QR code with IRN, only if e-invoice applies to you]

 

Signature : _____________________________

Authorized signatory for [Business name]

 

Common Invoice Mistakes to Avoid

  • Invoice number 16 अक्षरों से लंबा रखना। जब गिनती बढ़ती है तो यह limit अचानक टूट जाती है।
  • नए वित्त वर्ष में पुरानी series चलाते रहना। GSTN के अनुसार नई series हर वित्त वर्ष में शुरू होनी चाहिए।
  • ग़लत digits का HSN code लिखना। अपने पिछले वित्त वर्ष का turnover देखकर 4 या 6 digits तय करें।
  • Inter-State supply पर place of supply न लिखना।
  • E-invoice लागू होने पर IRN वाला QR code न छापना।
  • Service का invoice 30 दिन से अधिक देरी से बनाना (Rule 47)।

Frequently Asked Questions

Q1. Is There an Official GST Invoice Format?

Ans: CBIC के Rule 46 में invoice में लिखी जाने वाली जानकारी तय है, पर layout तय नहीं है। इसलिए आप अपनी सुविधा के हिसाब का layout use कर सकते हैं, लेकीन आपको सभी आवश्यक जानकारी होनी चाहिए।

Q2. Can I Use Alphabets in the Invoice Number?

Ans: हाँ। Rule 46(b) के अनुसार अक्षर, अंक, hyphen (-) और slash (/) और इनका कोई भी combination चलता है, पर इसकी कुल लंबाई 16 अक्षरों के अंदर होनी चाहिए और यह number उस वित्त वर्ष में unique भी होना चाहिए।

Q3. How Many Digits of HSN Code Do I Need?

Ans: Notification 78/2020 के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में ₹5 करोड़ तक turnover पर 4 digits, और ₹5 करोड़ से अधिक पर 6 digits।

Q4. Is E-Invoice Compulsory for Small Businesses?

Ans: CBIC की Notification 10/2023 के अनुसार e-invoice उन पर लागू है जिनका aggregate turnover किसी भी पिछले वित्त वर्ष (साल 2017-18 से) में ₹5 करोड़ से अधिक रहा है। इससे कम turnover वाले छोटे बिज़नेस पर यह इस notification के तहत लागू नहीं है। इसकी limit बदल सकती है, इसलिए official portal देखें।

Q5. Do I Need a Signature on a GST Invoice?

Ans: Rule 46(q) के अनुसार signature या digital signature ज़रूरी है। पर Rule 46 में यह भी लिखा है कि IT Act 2000 के अनुसार जारी electronic invoice (e-invoice) में signature आवश्यक नहीं है।

Q6. How Soon Must I Issue an Invoice for a Service?

Ans: Rule 47 के अनुसार service की तारीख़ से 30 दिन के अंदर। तथा बैंक, बीमा और NBFC के लिए यह limit 45 दिन की है।

Disclaimer: यह post आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, इसमें कोई भी tax या कानूनी सलाह नहीं है। GST के नियम, notifications और limits बदल सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले official sources देखें और अपने CA से confirm कर लें।

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